Monday, 29 August 2011

देवा तू फक्त साथ दे ....

कोमेजानाऱ्या कळीला  जगण्याची  ओढ  दे ....
गळणाऱ्या पानाला वाऱ्याचा प्रवाह  दे ....
अथांग  समुद्राला  एक  शांत  किनारा  दे ....
हे  हि  जमत  नसेल  तर ,
देवा  तू  फक्त  साथ  दे ....


पेटनाऱ्या  पानातील  आग  सहन  करण्याची  ताकत  दे ....
सूर्यात  चमकणाऱ्या  आकाशाला  थोडीशी  शांत  सावली  दे ....
सूर्याला  सुद्धा  चांदण्याची  मौज  मिळू  दे ....
हे  हि  जमत  नसेल  तर ,
देवा  तू  फक्त  साथ  दे ....


रात्रीत  शांत  झोपेसाठी  डोळ्यात  सुंदरशे  स्वप्न  दे ....
हसत  हसत  जगण्यासाठी  मनात  थोडे  हसू  दे ....
कधी  कधी  रडण्यासाठी  भक्कम  असा  खांदा  दे ....
हे  हि  जमत  नसेल  तर ,
देवा  तू  फक्त  साथ  दे ....

प्रेमाचा  अर्थ समजावा  म्हणून  आईचा  तो  पदर  दे ....
जबाबदारी  सांभाळणारे  वडिलांसारखे  हाथ  दे ....
हसत  हसत  डोळ्यात  पाणी  आणणारे  भावा/बहिणीचे  ते  नाते  दे ....
हे  हि  जमत  नसेल  तर ,
देवा  तू  फक्त  साथ  दे ....


कधी  कधी  रडवून  हसवणारे  आठवणींचे  ओझे  दे ...
कधी  कधी  मोठ्यांना  थोडेसे  लहानपण  दे ....
मस्करी  करून  पण  हसवणारे  मैत्रीचे  बंध  दे ....
डोळ्यात  बसणारी ,हृदयात  राहणारी  प्रेमाची  गाठ  दे ...
हे  हि  जमत  नसेल  तर ,
देवा  तू  फक्त  साथ  दे ....

खरच  काही  देत  असशील  तर  शेतकऱ्याला  पाणी  दे ....
खरच  काही  देत  असशील  तर  मारणार्याला  एक  सुखाचा  श्वास  दे ....
खरच  काही  देत  असशील  तुझे  अखंड  नाम  मुखात  दे ....
हे  हि  जमत  नसेल  तर ,
देवा  तू  फक्त  साथ  दे ....

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